विकास के नाम पर लापरवाही, रात में काटा वर्षों पुराना पेड़, बिजली के तार टूटकर सड़क पर बिखरे बाल-बाल बचे श्रद्धालु।
बामनिया@जितेंद्र बैरागी
दुकान और बस स्टैंड निर्माण के लिए पेड़ काटने के दौरान हादसा, सोनाला खेतलाजी मंदिर में गरबा देखने पहुंच रहे थे सैकड़ों श्रद्धालु, भाजपा नेता अजय जैन की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
बामनिया दुकान एवं बस स्टैंड निर्माण में बाधक बन रहे वर्षों पुराने पेड़ को रात में काटने के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई। पेड़ काटने के बाद उसे जेसीबी से धकेला गया, लेकिन वह विपरीत दिशा में गिरकर बिजली के पोल से टकरा गया। इससे चालू बिजली लाइन की सर्विस केबल टूटकर सड़क पर बिखर गई। गनीमत रही कि समय रहते इस पर नजर पड़ गई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के समय नगर के प्रसिद्ध सोनाला खेतलाजी मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर गरबा आयोजन चल रहा था। यहां सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गरबा खेलने और देखने पहुंच रहे थे। इनमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे। ऐसे में सड़क पर बिखरी चालू बिजली की केबल किसी के संपर्क में आ जाती तो जानलेवा हादसा हो सकता था।
भाजपा नेता अजय जैन की सतर्कता से टला खतरा।
बताया गया कि भाजपा नेता अजय जैन की नजर सड़क पर बिखरी टूटी बिजली की केबल पर पड़ी। खतरे को भांपते हुए उन्होंने तुरंत बिजली विभाग से संपर्क कर केबल टूटने की सूचना दी और बिजली बंद करवाने के लिए कहा। साथ ही, उन्होंने मौके से गुजर रहे राहगीरों को सतर्क करते हुए उन्हें केबल से दूर हटाया। उनकी तत्परता से संभावित हादसे को टालने में मदद मिली।
पेड़ पर थे पशु-पक्षियों के घोंसले, रात में कटाई पर सवाल
वहीं, कुछ लोगों ने पेड़ को रात के समय काटे जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि वर्षों पुराने इस पेड़ पर रात में पशु-पक्षी विश्राम करते थे और उनके घोंसले भी थे। ऐसे में नवरात्रि के दौरान रात में पेड़ काटने से पशु-पक्षियों की जान भी संकट में पड़ सकती थी। लोगों का सवाल है कि पेड़ काटने से पहले सुरक्षा व्यवस्था और आसपास की परिस्थितियों का ध्यान क्यों नहीं रखा गया।
विकास जरूरी, लेकिन सुरक्षा से समझौता क्यों।
दुकान और बस स्टैंड का निर्माण नगर के विकास से जुड़ा विषय है, लेकिन विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है, यह घटना इसका उदाहरण है। पेड़ काटने से पहले बिजली लाइन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित खतरे को रोकना जरूरी था। गनीमत रही कि भाजपा नेता अजय जैन की नजर समय रहते टूटी केबल पर पड़ गई। यदि कोई श्रद्धालु या बच्चा अनजाने में उसके संपर्क में आ जाता, तो नवरात्रि के उत्सव के बीच बड़ा हादसा हो सकता था।


