*खेल भावना, अनुशासन और रोमांच का संगम बना फुटबॉल टूर्नामेंट………..झाबुआ, थांदला और पंचकुई की टीमों ने जीत के साथ बढ़ाया कदम, मैदान में खिलाड़ियों ने दिखाया दमदार प्रदर्शन।
मुख्य अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति में हुआ आयोजन, रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों में भरा उत्साह।


मेघनगर@ मुकेश सोलंकी
खेल केवल जीत और हार का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, एकता, संघर्ष और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने का सशक्त जरिया भी है। इसी भावना को साकार करता फुटबॉल टूर्नामेंट खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और रोमांचक मुकाबलों के साथ सेंट अर्नोल्ड स्कूल खेल मैदान मे आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में अलग-अलग टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर अपना दमखम दिखाया। कहीं गोल करने के लिए खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, तो कहीं टीमों ने बेहतरीन तालमेल और खेल कौशल से मुकाबले को रोमांचक बना दिया।
टूर्नामेंट में मुख्य अतिथि के रूप में फिल्साम रिबेलो, सिस्टर जेनी, फादर जामोन जेम्स एवं फादर डिमेलॉ उपस्थित रहे। अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। उनका स्वागत जेम्स पाल (पी.आर.ओ.), जिम्मी निर्मल एवं संत जोसफ अध्यक्ष प्रकाश डामोर द्वारा किया गया। आयोजन का उद्देश्य खिलाड़ियों को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा युवाओं में सकारात्मक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाना रहा।
*पहले ही मुकाबले में झाबुआ ने दिखाई जीत की राह*
प्रतियोगिता का पहला मुकाबला झाबुआ और बड़ी धामनी की टीमों के बीच खेला गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए गोल करने के प्रयास किए। मुकाबले में झाबुआ की टीम ने एक गोल दागकर बढ़त बनाई और जीत हासिल करते हुए प्रतियोगिता में आगे बढ़ने की जगह सुनिश्चित की। पहले मैच में झाबुआ की जीत ने खिलाड़ियों के उत्साह को बढ़ाया और टूर्नामेंट की शुरुआत को रोमांचक बना दिया। आयोजन के प्रथम दिन रानापुर, इशगढ, झापादरा एवं गोपालपुरा को बाय मिला।
*थांदला का शानदार प्रदर्शन, 4-0 से दर्ज की जीत*
दूसरा मुकाबला थांदला और डुंगरी पाड़ा की टीमों के बीच खेला गया। इस मैच में थांदला की टीम ने शुरू से ही प्रभावशाली खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल के दम पर थांदला ने विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। शानदार प्रदर्शन करते हुए थांदला की टीम ने 4-0 से जीत दर्ज की। यह मुकाबला प्रतियोगिता के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा।
*कांटे की टक्कर में पंचकुई पैरिश ने मारी बाजी*
तीसरा मुकाबला उन्नई और पंचकुई पैरिश की टीमों के बीच खेला गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया। मुकाबले में कड़ा संघर्ष देखने को मिला और खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी टीम को बढ़त दिलाने के लिए भरपूर प्रयास किए। अंततः पंचकुई पैरिश की टीम ने एक गोल की बढ़त बनाते हुए 1-0 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ पंचकुई की टीम ने भी प्रतियोगिता में आगे बढ़ने की अपनी दावेदारी मजबूत की।
*अंतिम मैच काटे की टक्कर के साथ मेघनगर जीती*
मेघनगर और छोटी धामनी के बीच काटे की टक्कर रही। फस्ट हाफ मे दोनों टीम का स्कोर शून्य रहा। दूसरे हाफ के बाद मेघनगर ने अपनी रननीति बदली ओर एक के बाद एक लगातार 5 गोल कर बड़ी जीत हासिल की।
*खेल से मजबूत होता है भाईचारा और टीम भावना*
फुटबॉल जैसे खेल युवाओं में शारीरिक क्षमता, अनुशासन, धैर्य, नेतृत्व और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैदान पर प्रत्येक खिलाड़ी का प्रदर्शन पूरी टीम की सफलता से जुड़ा होता है। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण एवं स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है और युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ आयोजन से जुड़े सदस्यों और सहयोगियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। आयोजन समिति ने प्रतियोगिता को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।
*आयोजक समिति एवं सहयोगियों का रहा सराहनीय योगदान*
फुटबॉल टूर्नामेंट के सफल आयोजन में प्रथम दिन जेवियर चारेल, विजय गणवा, अभिषेक ओहारी, कलसिंह भूरिया, फ्रांसिस कटारा, रितेश सिंगाड़िया, राजेश कटारा, जोनु मंडोरिया, प्रदीप डामोर, दीपक खड़िया, प्रवीण भाबोर, मेघनगर फुटबॉल टीम तथा माता मारिया समिति की महिलाओं का सराहनीय सहयोग रहा। सभी सहयोगियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में अपनी भूमिका निभाई। आयोजन ने खेल प्रतिभाओं को मंच देने के साथ ही आपसी सहयोग, एकजुटता और खेल भावना का संदेश दिया।
*चार मुकाबले, चार विजेता टीमों का शानदार प्रदर्शन*
– झाबुआ: बड़ी धामनी के विरुद्ध एक गोल से जीत।
– थांदला: डुंगरी पाड़ा को 4-0 से हराया।
– पंचकुई पैरिश: उन्नई को 1-0 से पराजित किया।
. मेघनगर : छोटी धामनी को 5-0 से मैच को जीत लिया।
फुटबॉल टूर्नामेंट के इन मुकाबलों ने खिलाड़ियों के उत्साह और खेल के प्रति उनके समर्पण को उजागर किया। ऐसे आयोजन स्थानीय खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन सुशील सिंगाड़िया ने किया।




