सारंगी@संजय उपाध्याय
जीवन मे जीवित रहने के दौरान मानव सेवा करना और जीवन से चले जाने के बाद भी सेवा कार्य करने वाले बड़े ही विरले मिलते है ऐसे ही लोगो में ग्राम सारंगी के गहलोत परिवार ने आदर्श उदाहरण पेश किया है। नगर के श्री नंदराम गहलोत का दो सितंबर को निधन हो गया। उनके निधन पर सारंगी के समाजसेवियों ने उनके पुत्र गोपाल गहलोत और पोते पंकज गहलोत को पिताजी के नेत्रदान हेतु प्रेरित किया। परिजनों की सहमति मिलते ही संस्था द्वारा बड़नगर गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवम नेत्रदान प्रभारी डॉ जीएल दादरवाल को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही डॉक्टर जीएल ददरवाल अपनी टीम के साथ तत्काल सारंगी पहुंचे मोहनलाल राठौड़ आदि के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण की।
नेत्रम संस्था की सक्रियता से हुआ नेत्रदान:-
गहलोत परिवार के सदस्य के गोपाल गहलोत ने बताया कि गीता भवन न्यास समिति बड़नगर, श्री जैन श्वेतांबर सोशल्य ग्रुप बड़नगर एवम नेत्रम संस्था के सदस्यों की सक्रियता से पीड़ितों को लाभ तो मिल रहा है, और संस्था के सदस्यों को सराहना भी मिल रही है। मृतक श्री नंदराम जी गैहलोत की आंखों से दो लोगों को रोशनी मिलेगी। इनकी आंखों से देश में कहीं न कहीं किसी न किसी को दुनिया देखने का मौका मिलेगा।
इस दौरान नेत्रम संस्था के सदस्य एवम जैन सोशल्या ग्रुप बड़नगर के अध्यक्ष हरिकिशन मेलवानी ने बताया कि हमारे ग्रुप द्वारा 1004 लोगो नेत्रदान प्रक्रिया कर चुके है।
नेत्र दान समिति के सदस्य राजेंद्र डंगवाड़ा वाले, विजय गोहरा ने गहलोत परिवार के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।
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