पेटलावद
जलभराव और जर्जर नाली से ग्रामीण परेशान, पंचायत व्यवस्था पर उठे सवाल,,,बड़ी देहंडी में वर्षों से बनी समस्या का नहीं हुआ स्थायी समाधान, ग्रामीणों ने नई नाली व सीसी रोड निर्माण की मांग की…

पेटलावद डेस्क। तहसील पेटलावद अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ी देहंडी में अपशिष्ट जल निकासी और सड़क व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के मुख्य मार्गों पर वर्ष 2015 के दौरान निर्मित कराई गई अत्यंत संकरी नालियां वर्तमान में मलबे, पत्थरों और मिट्टी से अवरुद्ध हो चुकी हैं। नालियों की समुचित सफाई और रखरखाव नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे कई स्थानों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2022 से 2026 तक की अवधि में समस्या के स्थायी समाधान के लिए पंचायत स्तर पर अपेक्षित सुधारात्मक कार्य नहीं किए गए। बरसात के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है तथा ग्रामीणों और राहगीरों को गंदे पानी व कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ-साथ स्वच्छता और संक्रमण की आशंका भी बनी रहती है।
आवश्यकता वाले स्थानों पर नहीं हुआ समुचित निर्माण
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में नाली निर्माण की योजना बनाते समय स्थल की वास्तविक आवश्यकता और भविष्य की जल निकासी व्यवस्था का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। कुछ ऐसे स्थानों पर भी निर्माण कार्य किए जाने की बात सामने आ रही है, जहां उसकी आवश्यकता अपेक्षाकृत कम थी, जबकि जल निकासी की गंभीर समस्या वाले स्थानों पर पुरानी और जर्जर नाली व्यवस्था ही बनी हुई है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल…
मामले को लेकर ग्रामीणों ने जनपद पंचायत पेटलावद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता और भौतिक स्थिति की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित पंचायत एवं विभागीय अमले की है। ऐसे में वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान नहीं होना प्रशासनिक निरीक्षण और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की स्थल पर पहुंचकर जांच एवं भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा यह भी देखा जाए कि पूर्व में स्वीकृत नाली एवं सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप किए गए थे या नहीं।
इन बिंदुओं पर जांच की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख रूप से तीन बिंदुओं पर जांच की मांग रखी है—
जनपद पंचायत पेटलावद क्षेत्र की कितनी ग्राम पंचायतों में इसी प्रकार अनियोजित अथवा अनुपयोगी अधोसंरचना का निर्माण हुआ है।
वर्ष 2015 से संचालित संकरी नालियों की वर्तमान स्थिति, उनकी क्षमता और जल निकासी व्यवस्था की पंचायत सचिव, सरपंच तथा तकनीकी अमले द्वारा अब तक कितनी बार समीक्षा की गई।
यदि निर्माण कार्य में तकनीकी अथवा वित्तीय अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
नई नाली और सीसी रोड निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कर जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। इसके लिए आवश्यक स्थानों पर मानक मापदंड के अनुसार पर्याप्त चौड़ाई और क्षमता वाली नई नाली तथा जरूरत वाले मार्गों पर सीसी रोड निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर शीघ्र कार्य प्रारंभ कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी सफाई या मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा। जल निकासी की समुचित योजना बनाकर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाना जरूरी है, ताकि भविष्य में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और ग्रामीणों को राहत मिल सके।





