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पेटलावद डेस्क। शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर TET परीक्षा निरस्त कराने की मांग को लेकर पेटलावद ब्लॉक के अध्यापक एवं शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी रविवार, 30 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित राष्ट्रीय विशाल धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हुए। इस आंदोलन में देशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल होकर TET परीक्षा को लेकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को अब TET परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता से गुजरना पड़ रहा है, जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश है। शिक्षकों के अनुसार कई शिक्षक 25 से 30 वर्षों से अधिक समय से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं और उन्होंने अपने सेवाकाल में लगातार विद्यार्थियों को शिक्षित करने का कार्य किया है। ऐसे में सेवा के इतने लंबे अंतराल के बाद TET परीक्षा की अनिवार्यता को शिक्षक उचित नहीं मान रहे हैं।
शिक्षकों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2017 में अध्यादेश के माध्यम से शिक्षा का अधिकार अधिनियम में TET परीक्षा संबंधी प्रावधान को पूर्व प्रभाव से लागू किया गया, जिसके चलते RTE अधिनियम 2009 से पहले सेवारत शिक्षकों पर भी TET परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता लागू हो गई। इस निर्णय को लेकर देशभर के शिक्षक संगठनों द्वारा लगातार केंद्र सरकार से पुनर्विचार एवं राहत की मांग की जा रही है।
शिक्षक संयुक्त मोर्चा का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग लंबे समय से सेवारत शिक्षकों को TET परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त करना तथा इस संबंध में आवश्यक निर्णय लेकर शिक्षकों को राहत प्रदान करना है। इसी मांग को लेकर 30 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय स्तर का विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
पेटलावद क्षेत्र से रवाना हुए शिक्षकों ने कहा कि आंदोलन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग मजबूती से पहुंचाई जाएगी। शिक्षकों का दावा है कि देशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक इस प्रदर्शन में शामिल होकर एकजुटता प्रदर्शित करेंगे।
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