झाबुआ@आयुष पाटीदार
कोदली बाल हत्या कांड के मामले में आरोपी की जमानत के विरुद्ध मानवाधिकार परिषद के जिला अध्यक्ष एवं अधिवक्ता वागेश सामवेदी द्वारा पेटलावद सत्र न्यायालय से लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ तक प्रभावी पैरवी करते हुए जमानत का पुरजोर विरोध किया गया।
प्रकरण में आरोपी की ओर से जमानत के लिए न्यायालय की शरण ली गई थी। अधिवक्ता वागेश सामवेदी द्वारा आरोपी की जमानत का विरोध करते हुए मामले के गंभीर तथ्यों एवं पीड़ित पक्ष की ओर से न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष प्रभावी रूप से रखा गया। पेटलावद सत्र न्यायालय में जमानत आवेदन पर आपत्ति प्रस्तुत करने के पश्चात मामला उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ तक पहुंचा।
उच्च न्यायालय में भी जमानत आवेदन का प्रभावी विरोध किए जाने के बाद आरोपी पक्ष के अधिवक्ता द्वारा प्रथम जमानत आवेदन को वापस लेने का निवेदन किया गया। माननीय उच्च न्यायालय ने उक्त प्रार्थना स्वीकार करते हुए जमानत आवेदन को वापस लिया हुआ मानकर निरस्त कर दिया। आदेश दिनांक 5 अक्टूबर 2026 को माननीय न्यायमूर्ति श्री राजेंद्र कुमार वाणी की पीठ द्वारा पारित किया गया।
इस प्रकरण में पेटलावद सत्र न्यायालय एवं उच्च न्यायालय इंदौर, दोनों स्तरों पर जमानत का विरोध करते हुए अधिवक्ता वागेश सामवेदी द्वारा की गई पैरवी को पीड़ित परिवार एवं ग्रामीणों द्वारा महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
जमानत आवेदन वापस होने के पश्चात समस्त कोदली ग्रामवासियों एवं शोक-संतप्त परिवारों द्वारा अधिवक्ता वागेश सामवेदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं एवं धन्यवाद प्रेषित किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि गंभीर एवं संवेदनशील प्रकरण में पीड़ित पक्ष के साथ खड़े होकर न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए अधिवक्ता सामवेदी का प्रयास सराहनीय है।
वहीं मानवाधिकार परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष बाविस्कर सहित जिला एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों द्वारा भी अधिवक्ता एवं जिला अध्यक्ष वागेश सामवेदी को इस प्रभावी पैरवी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की गई।
मानवाधिकार परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि पीड़ित एवं प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए विधिक स्तर पर हरसंभव प्रयास जारी रहेगा तथा ऐसे संवेदनशील मामलों में परिषद पीड़ित पक्ष के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!