शारदीय पूर्णिमा की रात धार से आए कलाकारों की प्रस्तुति ने बांधा समां, राधा-कृष्ण और गोपियों का डांडिया नृत्य रहा आकर्षण का केंद्र
रायपुरिया@राजेश राठौड़
शारदीय पूर्णिमा के पावन अवसर पर रायपुरिया में 15 दिनों से चल रहे नवरात्रि महोत्सव का भव्य समापन हुआ। नवदुर्गा मित्र मंडल द्वारा झाबुआ चौराहे पर पानी की टंकी के पास गरबा पंडाल स्थापित किया गया था, जहां 15 दिनों तक श्रद्धालु मां नवदुर्गा की आराधना में लीन रहे। पूरे आयोजन के दौरान मंडल द्वारा प्रतिदिन भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिन्होंने क्षेत्रवासियों के मन पर अमिट छाप छोड़ी।
शारदीय पूर्णिमा की अंतिम रात्रि को धार से आए कलाकारों की चहेती राठौर टीम ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। राधा-कृष्ण एवं गोपियों का मनमोहक नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत डांडिया नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुति देखने के लिए गरबा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। छोटे से गांव में इतने बड़े स्तर पर सांस्कृतिक आयोजन होना अपने आप में क्षेत्र के लिए गौरव की बात रही।
15 दिनों तक भक्ति, उल्लास और उत्साह से गुलजार रहने वाला गरबा पंडाल महोत्सव के समापन के बाद सूना-सूना नजर आया। मां दुर्गा की प्रतिमा को विदाई देने के दौरान नवदुर्गा मित्र मंडल के कार्यकर्ता भावुक हो उठे। श्रद्धालु जब मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन के लिए पम्पावती जलाशय की ओर लेकर रवाना हुए तो कई भक्तों की आंखें नम हो गईं। भक्तिभाव और नम आंखों के साथ मां दुर्गा को अगले वर्ष पुनः आने के निमंत्रण के साथ विदाई दी गई।
समापन अवसर पर नवदुर्गा मित्र मंडल के कार्यकर्ताओं ने आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले समस्त क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि 15 दिनों तक इतने बड़े आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में क्षेत्रवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सभी के सहयोग और सहभागिता से ही यह महोत्सव भव्य रूप ले सका। इसके लिए मंडल सदैव सभी का आभारी रहेगा।
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