पेटलावद डेस्क। प्रजापति (कुम्हार) समाज पेटलावद ने अपने पुश्तैनी मिट्टी के बर्तन निर्माण एवं विक्रय व्यवसाय में अन्य व्यापारियों द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप किए जाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पेटलावद को ज्ञापन सौंपा। समाज ने प्रशासन से मामले में तीन दिवस के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में समाजजनों ने बताया कि प्रजापति समाज के लोग पीढ़ियों से मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य करते आ रहे हैं। इसमें मटके, दीपक, छोटी कुल्हड़ सहित विभिन्न प्रकार की मिट्टी की वस्तुएं शामिल हैं। समाज के लोग इन वस्तुओं का निर्माण कर बिक्री करते हैं और इसी व्यवसाय से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
समाज का आरोप है कि अब अन्य समाज के कुछ व्यापारियों द्वारा उनके पुश्तैनी व्यवसाय में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिससे उनके परंपरागत रोजगार पर संकट खड़ा हो रहा है। समाजजनों ने बताया कि उनका व्यवसाय वर्षभर चलता है, विशेषकर नवरात्रि से दीपावली तक मिट्टी से बनी वस्तुओं की मांग अधिक रहती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि शासन की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत समाज के लोगों को इलेक्ट्रिक चाक भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे आधुनिक तरीके से मिट्टी की वस्तुओं का निर्माण कर सकें। लेकिन अन्य व्यापारियों के हस्तक्षेप के कारण उनके द्वारा निर्मित सामग्री के विक्रय में परेशानी आ रही है।
समाजजनों ने नगर परिषद पेटलावद हमसें शासन द्वारा आदेश के अनुसार फुटकर व्यापार पर कोई पैसा नहीं लेती हैं सरकार हमें प्रोत्साहन दे रही है ऐसी स्थिति में प्रशासन को इस मामले में आवश्यक कदम उठाना चाहिए, ताकि प्रजापति समाज के परंपरागत व्यवसाय और आजीविका को सुरक्षित रखा जा सके।
ज्ञापन के माध्यम से समाज ने प्रशासन से तीन दिवस के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन आज समस्त प्रजापति (कुम्हार) समाज पेटलावद की ओर से एसडीएम के नाम तहसीलदार को सौंपा गया।
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