संघर्ष से सफलता तक का सफर: बाबूलाल वडुनिया ने MPPSC खनिज निरीक्षक परीक्षा में हासिल की सफलता…

पेटलावद डेस्क। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर सीमित संसाधनों के बावजूद निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से सफलता हासिल करने की प्रेरणादायक कहानी ग्राम केसरपुरा तहसील पेटलावद निवासी बाबूलाल वसुनिया की है। उन्होंने MPPSC खनिज निरीक्षक परीक्षा-2025 में सफलता प्राप्त कर खनिज निरीक्षक के पद पर चयन हासिल किया है।
बाबूलाल वडुनिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केसरपुरा में प्राप्त की। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए इंदौर का रुख किया। वर्ष 2012 में शासकीय कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का लक्ष्य बनाया।
शिक्षक और परिवार से मिली प्रेरणा
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान उनके शिक्षक श्री कैलाश वसुनिया (विज्ञान शिक्षक) एवं परिवार से उन्हें निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिला। उन्होंने अपना लक्ष्य निर्धारित कर नियमित रूप से मेहनत और अध्ययन जारी रखा। लंबे समय तक तैयारी करने के बाद वर्ष 2025 में उन्हें सफलता मिली।
लगातार मेहनत और धैर्य बना सफलता का आधार
बाबूलाल वसुनिया के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और धैर्य आवश्यक है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य को ध्यान में रखकर लगातार प्रयास करते रहना चाहिए और असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मिली बधाई
दस्तावेज के अनुसार दिनांक 28 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के दौरान बाबूलाल वसुनिया को उनकी सफलता पर बधाई दी गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
युवाओं के लिए प्रेरणा
बाबूलाल वसुनिया की सफलता यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों और आर्थिक परेशानियों के बावजूद स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर प्रयास के माध्यम से सफलता हासिल की जा सकती है। वे क्षेत्र के युवाओं के लिए मेहनत और संघर्ष से आगे बढ़ने की प्रेरणा बने हैं।



