खवासा@आनंदीलाल सिसोदिया/आयुष पाटीदार
नगर में उड़ती धूल से आखिरकार कब राहत मिलेगी? 21 दिनों में समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक लोगों को धूल से निजात नहीं मिल पाई है। सड़क पर उड़ती धूल से राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगरवासियों को उम्मीद थी कि आश्वासन के बाद जल्द ही समस्या का समाधान होगा, लेकिन समय बीतने के बाद भी हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। धूल के कारण दुकानों में धूल जमने और आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
अब सवाल यह है कि जब 21 दिन का आश्वासन दिया गया था, तो कार्रवाई कब होगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या को गंभीरता से लेकर कोई ठोस कदम उठाएंगे या फिर नगरवासियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा?
सड़क से उड़ने वाली धूल केवल परेशानी ही नहीं, बल्कि भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण भी बन सकती है। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो लगातार धूल में सांस लेने से लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक धूल के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने का खतरा भी रहता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी समस्या का इंतजार कर रहे हैं? समय रहते सड़क की मरम्मत कर धूल उड़ने पर रोक लगाना जरूरी है, ताकि भविष्य में नगरवासियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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