खवासा
42 वर्षों से शिक्षा की अलख जगाने वाले नागुलाल चंद्रावत हुए सेवानिवृत्त,,,सम्मान के साथ दी भावभीनी विदाई…

खवासा@आयुष पाटीदार/आनंदीलाल सिसोदिया
शिक्षा के क्षेत्र में 42 वर्षों से अधिक समय तक अपनी सेवाएं देकर विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने वाले शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक नागुलाल चंद्रावत सेवानिवृत्त हो गए। उनके सेवानिवृत्त होने पर विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों ने सम्मानपूर्वक विदाई दी।
नागुलाल चंद्रावत की शिक्षा क्षेत्र में प्रथम नियुक्ति वर्ष 1984 में मकोड़िया में सहायक शिक्षक के पद पर हुई थी। इसके बाद उन्होंने विभिन्न स्थानों पर अपनी सेवाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 2014 से उन्होंने नारेला विद्यालय में प्रधानाध्यापक के रूप में जिम्मेदारी संभाली और करीब 12 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
लगातार 42 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्ति के अवसर पर विद्यालय स्टाफ द्वारा उनका विशेष सम्मान किया गया। स्टाफ सदस्यों ने उन्हें साफा बांधकर एवं पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके उज्जवल भविष्य और स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर खवासा में भी उनके सम्मान में धूमधाम के साथ विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान जुलूस निकालकर उनका सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में परिचितों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों ने शामिल होकर नागुलाल चंद्रावत को भावभीनी विदाई दी।
शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले चंद्रावत ने अपने कार्यकाल के दौरान विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ अनुशासन एवं संस्कारों पर भी विशेष जोर दिया। उनके सेवानिवृत्त होने पर विद्यालय परिवार में जहां भावुक माहौल रहा, वहीं उनके सेवाकाल को याद करते हुए सभी ने उनके योगदान की सराहना की।





