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मेघनगर@मुकेश सोलंकी
मेघनगर क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण और शिकायतो के चलते एसडीएम सुश्री अवंधती प्रधान, तहसीलदार विजयकांत पांडे एवं सी एम ओ नगर परिषद की टीम द्वारा केमिकल और खाद फैक्टरियों पर अचानक धावा करते हुए सघन जांच की गयी।
प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के मेघनगर की दो औद्योगिक इकाइयों मध्य भारत फास्केम एवं सिध्दीविनायक का निरीक्षण किया गया, जिसमें प्रथम दृष्टया कारखानो द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए खुले में पानी छोड़ा जाना प्रतीत हुआ।
मध्य भारत कारखाने में एसडीम ने दिखाई सख्ती
फैक्टरियों से निकलने वाले दूषित पानी के के विषय में कंपनी के अधिकारियों से जब एसडीएम ने सवाल किया तो वह इधर-उधर के बहाने बनाते नजर आए ,लेकिन एसडीएम के सख्त रुख के सामने उन अधिकारियों की एक भी नहीं चली। जब एसडीम द्वारा पॉल्यूशन बोर्ड के निर्देशों के बारे कारखाना अधिकारीसे सवाल किया गया तो उनका कहना था कि हमें ऐसे कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं, जिसके बाद एसडीएम ने उन्हें मोबाइल पर उक्त निर्देश की कॉपी बताते हुए कारखाना अधिकारी को झूठा साबित कर दिया।

मध्य भारत फास्केम के अधिकारी का हास्यासपद कथन
मध्य भारत इकाई के अधिकारी का कहना था कि उनकी फैक्ट्री से प्रदूषित पानी छोड़े जाने की मात्रा शून्य है उक्त प्रदूषित दिखाई देने वाला पानी कंपनी के मजदूरों द्वारा हाथ पैर धोने के कारण इकट्ठा हुआ पानी है। जबकि यदि कंपनी के सारे मजदूर नहा भी ले तो इतना पानी इकट्ठा नहीं होगा।
सिध्दीविनायक कारखाना इकाई के चारों तरफ तहसीलदार ने किया गहन निरीक्षण
औद्योगिक क्षेत्र में स्थित सिध्दीविनायक कारखाने के पीछे की तरफ भारी मात्रा में काला पानी नालियों में बहता पाया गया ,स्थिति इतनी खराब थी कि प्रदूषित एसिड युक्त पानी के कारण आसपास की झाड़ियां जल चुकी हैं जबकि कंपनी के अधिकारी कर्मचारी इस पानी को उनके द्वारा नहीं छोड़े जाने की बात कहते रहे, जिस पर तहसीलदार द्वारा सख्त लहजे में कहा गया कि उसकी जांच हम करवा लेंगे।
परिवहन के लिए लोड किये जा रहे माल में दिखी गंभीर लापरवाही
सिध्दीविनायक कारखाना इकाई द्वारा कारखाने से माल एक आईसर में लोड किया जा रहा था जिसकी जांच करने पर उक्त माल के बेग से मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट एवं बैच नंबर नदारद मिला, जिसकी सफाई में कारखाना अधिकारी ने कहा कि यह माल यूनिट टू यूनिट ट्रांसफर किया जा रहा है अतः इसमें यह सब लिखना जरूरी नहीं होता।
फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर लापरवाही उजागर हुई
शासकीय नियम के अनुसार किसी भी कारखाने में फायर सेफ्टी की अनदेखी करना अपराध हैं जबकि दोनों ही कारखानों में फायर सेफ्टी की उचित व्यवस्था देखने को नहीं मिली ऐसे में यदि कुछ हादसा हो जाता है तो उसे समय फायर सेफ्टी के अभाव में बड़ी दुर्घटना होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासनिक चेतावनी
नियमों का उल्लंघन करने वाली और नदी-नालों में केमिकल छोड़ने वाली फैक्टरियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।प्रशासन का सख्त रुख क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों और जनस्वास्थ्य को, विशेषकर जल स्रोतों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जो भी फैक्ट्री पर्यावरण नियमों के विपरीत कार्य करती पाई जाएगी, उसके खिलाफ उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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