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सारंगी@संजय उपाध्याय
सारंगी समीपस्थ ग्राम बनी में स्थित श्रीकृष्ण कामधेनु गौशाला में राधाजन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्णा कामधेनु गौशाला समिति के वरिष्ठ सदस्य बगदीराम पाटीदार ने बताया कि मंत्रोचार के साथ गौमाता का पूजन कर सेकडो गौवंश को लापसी का भोग लगाया श्री हरिहर आश्रम बनी के पीठाधीश्वर आचार्य देवेंद्र शास्त्री धारियाखेड़ी मंदसौर वाले ने बताया कि राधाष्टमी के पावन अवसर पर गौमाता को लापसी खिलाना एक अत्यंत पुण्यदायी और श्रेष्ठ कार्य है सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है, और विशेष त्योहारों पर उनकी सेवा करना जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है राधा रानी को भी गौसेवा अत्यंत प्रिय है, इसलिए आपकी यह सेवा निश्चित रूप से सराहनीय है इस अवसर पर गौशाला प्रबंधन समिति हरिराम पाटीदार, मुकेश पाटीदार,गोविन्द पाटीदार रामेश्वर पाटीदार, पंकज पाटीदार, राधेश्याम पाटीदार आदि लोग मौजूद थे
*गौसेवा के महत्व को समझाया*
आचार्य देवेंद्र शास्त्री ने गौ सेवा का महत्व बताते हुवे कहा की राधा अष्टमी का दिन भक्ति और करुणा का प्रतीक है आज के दिन वास्तव में निस्वार्थ भक्ति, दिव्य प्रेम और असीम करुणा बरसाने वाला है यह पवित्र दिन श्री राधा रानी के प्राकट्य और उनके पावन जन्मोत्सव के रूप में बहुत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है उन्होंने गौसेवा के संदेश देते हुए कहा कि गोवंश की सेवा करना अत्यंत पुण्यकारी और श्री राधा रानी की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम माना गया है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौमाता को श्रीस्वरूपा माना गया है और ब्रज में राधा रानी का गोवंश से अत्यंत स्रेह था इस दिन गौमाता को पौष्टिक लापसी खिलाने से विशेष पुण्य मिलता है। राधा अष्टमी के गोवंश को लफसी खिलाना सनातनी परंपरा है। राधा अष्टमी के पावन अवसर पर श्री राधा रानी की आराधना के साथ गौसेवा का अत्यंत विशेष और पवित्र महत्व माना गया है इस दिन गौमाता को हरा चारा, गुड़ और उचित आहार देना या गौशालाओं में सहयोग करना पुण्यकारी व कृपा प्राप्ति का माध्यम माना जाता है। सनातन धर्म ग्रंथों में गौ सेवा को सबसे बड़ा दान और सेवा माना गया है।
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