बामनिया
गए तो थे दबिश देने, पर घर के चिराग को बुझने से बचा आए बामनिया पुलिसकर्मी,,,खवासा नाके पर ताड़ी की तलाश में घर पहुंची पुलिस, बिस्तर में छिपी मिली काली नागिन चौकी प्रभारी लाखन सिंह भाटी की सतर्कता से टला बड़ा खतरा…

बामनिया@जितेंद्र बैरागी
कभी-कभी ड्यूटी निभाते हुए ऐसे पल सामने आते हैं, जब पुलिस की वर्दी किसी परिवार के लिए फरिश्ता बन जाती है। बामनिया में भी कुछ ऐसा ही हुआ। पुलिस एक घर में दबिश देने पहुंची थी, लेकिन वहां एक ऐसी परिस्थिति सामने आई, जिसमें पुलिस की सतर्कता और तत्परता एक मासूम के लिए सुरक्षा कवच बन गई।
जानकारी के अनुसार, बामनिया पुलिस खवासा नाके के पास स्थित एक घर में ताड़ी की तलाश में पहुंची थी। उस समय परिवार के सदस्य अपने गांव और अन्य प्रदेश में गए हुए थे, जबकि घर पर परिवार का इकलौता बेटा सो रहा था। पुलिस तलाशी ले रही थी, तभी चौकी प्रभारी लाखन सिंह भाटी की नजर बच्चे के बिस्तर पर पड़ी। बिस्तर की चादर हटाकर देखने के दौरान अचानक उनके हाथ पर काली नागिन लिपट गई। अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद लोग भी सकते में आ गए। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए चौकी प्रभारी लाखन सिंह भाटी ने बिना देर किए बामनिया में सर्पमित्र के रूप में सेवा दे रहे युवा मोनू झाला से संपर्क किया और उन्हें तत्काल मौके पर बुलाया। सर्पमित्र मोनू झाला ने मौके पर पहुंचकर बिस्तर के भीतर छिपी काली नागिन को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।
पुलिस की सतर्कता बनी मासूम के लिए सुरक्षा कवच
जिस बिस्तर पर परिवार का इकलौता बेटा सो रहा था, उसी में नागिन छिपी हुई थी। समय रहते उसका पता नहीं चलता तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। पुलिस की सतर्कता और तत्काल दिखाई गई तत्परता से संभावित खतरे को टालने में मदद मिली।
घटना की जानकारी आसपास के रहवासियों और बच्चे के परिजनों तक पहुंची तो सभी ने राहत जताते हुए पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि बामनिया पुलिस जिस काम से घर पहुंची थी, वह अनजाने में एक मासूम के लिए फरिश्ता साबित हुई।
यह घटना कुछ दिन पुरानी है, जिसकी जानकारी झाबुआ हलचल को आज प्राप्त हुई। जानकारी मिलते ही घटना से जुड़ा पूरा मामला पाठकों तक पहुंचाया जा रहा है।





