मेघनगर
मेघनगर में दो बस्तियों के पथ संचलन का रेलवे ओवरब्रिज पर संगम, स्वयंसेवकों का अनुशासन देख चकित हुआ समाज घोष की धुन पर कदमताल करते स्वयंसेवकों ने दिया राष्ट्रभक्ति और संगठन का संदेश, बाफना आश्रम में बौद्धिक के बाद हुआ समापन।

मेघनगर@मुकेश सोलंकी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन में बुधवार शाम को मेघनगर नगर में संघ का अनुशासन, एकजुटता और संगठन शक्ति देखने को मिली। नगर की शिवाजी बस्ती और महाराणा प्रताप बस्ती के स्वयंसेवकों ने अलग-अलग स्थानों से पथ संचलन प्रारंभ किया। दोनों संचलनों का निर्धारित समय पर मेघनगर रेलवे ओवरब्रिज के पास संगम हुआ। गणवेश में कदमताल करते हुए, घोष की ध्वनि के साथ एक लय में आगे बढ़ते स्वयंसेवकों का विहंगम दृश्य देखकर समाजजन भी प्रभावित हुए। नगर में दोनों बस्तियों के संचालनों का जगह जगह समाज द्वारा पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया।
शिवाजी बस्ती का पथ संचलन दशहरा मैदान से तथा महाराणा प्रताप बस्ती का संचलन गणेश मंदिर से प्रारंभ हुआ। दोनों संचलन नगर के प्रमुख चौराहों और विभिन्न महत्वपूर्ण मार्गों से होते हुए निर्धारित समय पर रेलवे ओवरब्रिज पहुंचे। यहां दोनों संचलनों का एक साथ संगम हुआ। स्वयंसेवकों की एकरूपता, समयबद्धता और अनुशासन ने आयोजन को विशेष बना दिया। इसके बाद संयुक्त संचलन बाफना आश्रम पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।
संघ की 100 वर्षों की यात्रा और राष्ट्रहित में योगदान पर दिया बौद्धिक
बाफना आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला शारीरिक प्रशिक्षण प्रमुख कालूसिंह जी चरपोटा ने बौद्धिक दिया। उन्होंने संघ की सौ वर्षों की यात्रा पूर्ण होने और 101वें वर्ष में प्रवेश का उल्लेख करते हुए संघ के संघर्ष, बलिदान, समर्पण और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ ने अपने शताब्दी काल में समाज को संगठित करने, राष्ट्रभाव जागृत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के बीच कार्य किया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि देवाना वाणी रहे।
कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को संगठन के उद्देश्यों, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव को जीवन में उतारने का संदेश दिया गया। बौद्धिक के बाद संघ की प्रार्थना हुई और कार्यक्रम का समापन किया गया।





