झाबुआ

60 वर्षों से प्रभु भक्ति को संगीत के सुरों से सजाने वाले रमेशचंद्र पंवार का हुआ सम्मान,,,जैन श्वेताम्बर श्री संघ झाबुआ ने शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर किया बहुमान…

धार्मिक आयोजनों में छह दशकों से अपनी संगीत सेवा समर्पित कर रहे हैं रमेशचंद्र पंवार

झाबुआ। प्रभु भक्ति में संगीत का अपना विशिष्ट महत्व है। मधुर स्वर और वाद्य यंत्रों की सुर-ताल जब प्रभु आराधना से जुड़ती है, तो वातावरण भक्तिमय हो उठता है। संगीत के माध्यम से मानव अपने हृदय में प्रभु को विराजित कर पुण्य का उपार्जन करता है और ऐसे सेवाभावी जीव प्रभु कृपा के पात्र बनते हैं।

इसी भावना को चरितार्थ करते हुए श्री महावीर बैंड एवं श्री महाकाल बैंड के संचालक श्री रमेशचंद्र रूगनाथजी पंवार विगत 60 वर्षों से स्थानीय जैन तीर्थ श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में धार्मिक पूजन, पंचकल्याणक पूजन, भक्ति कार्यक्रम, धार्मिक रथयात्रा-जुलूस सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी संगीत सेवा प्रदान करते आ रहे हैं। मधुर वाद्य यंत्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुर-ताल में जोड़ते हुए उन्होंने प्रभु भक्ति की इस सेवा को निरंतर समर्पित भाव से निभाया है।

उनकी इसी दीर्घकालीन, समर्पित एवं निस्वार्थ धार्मिक सेवा के लिए जैन श्वेताम्बर श्री संघ झाबुआ द्वारा श्री रमेशचंद्र रूगनाथजी पंवार का सम्मान किया गया। उन्हें शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

श्री संघ के रिंकू रूनवाल ने बताया कि परम पूज्य साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्री जी महाराज साहेब आदि ठाणा-7 की पावनकारी शुभ निश्रा में पर्युषण पर्व के पश्चात बहुमान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में जिनालय एवं विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी सेवाएं देने वाले सेवाभावी व्यक्तियों का सम्मान कर उनकी सेवाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।

इसी क्रम में छह दशकों से अपनी संगीत सेवा के माध्यम से धार्मिक आयोजनों को भक्तिमय बनाने वाले श्री रमेशचंद्र पंवार का बहुमान जैन श्वेताम्बर श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष धर्मचंद मेहता, वरिष्ठ सदस्य मधुकर शाह, भरत बाबेल, मुकेश नाकोड़ा, श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता, सचिव रत्नदिप सकलेचा, कोषाध्यक्ष उल्लास जैन एवं सहसचिव निशान शाह ने शाल श्री फल एवं अभिनन्दन पत्र प्रदान कर बहुमान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

छह दशकों की सेवा को मिला सम्मान

रमेशचंद्र पंवार का सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि उन छह दशकों की निरंतर धार्मिक एवं सांस्कृतिक सेवा का बहुमान है, जिसमें उन्होंने अपने वाद्य यंत्रों के सुरों से प्रभु भक्ति, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक एकजुटता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने श्री पंवार की दीर्घकालीन सेवाओं की सराहना करते हुए उनके प्रति सम्मान एवं शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!