सारंगी
बनी हरिहर आश्रम में पंडित देवेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में महा रुद्राभिषेक का आयोजन….

सारंगी@संजय उपाध्याय
समीपस्थ ग्राम बनी स्थित हरिहर आश्रम मैं पंडित आचार्य देवेंद्र शास्त्री के सानिध्य में महा रुद्राभिषेक महोत्सव का आयोजन चल रहा है। सावन में आश्रम परिसर में पार्थिव शिवलिंग बनाने की होड़ लगी है। प्रतिदिन हजारों की तादाद में पार्थिव शिवलिंग बनाए रहे हैं। इस कार्य में बच्चे भी पीछे नहीं है। अब तक की बड़ी संख्या में मिट्टी के सूक्ष्म पार्थिव शिवलिंग में तब्दील हो चुकी हैं। यह पूरा आयोजन निशुल्क हो रहा है। विश्व कल्याण के संकल्प के साथ लाखो पार्थिव शिव लिंग निर्माण, पूजन व अभिषेक अनुष्ठान प्रतिदिन हो रहे हैं। जिसके लिए पंडित अरुण व्यास, दशरथ व्यास,आकाश जी शर्मा द्वारा वैदिक मंत्रोपचार के साथ सारा वातावरण शिवमय हो गया है। विश्व कल्याण एवं परिसर को आध्यात्मिक महत्व को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए शिवलिंगो की गिनती गिन कर उसकी पूजा कर रहे हैं। और फिर अक्षत के साथ शिवजी को अर्पित कर रहे हैं। विधिवत पूजन अर्चन स्थापना आह्वान के साथ शाम के समय विसर्जन भी किया जा रहा है। इस अवसर पर सावन के पहले सोमवार को बरवेट के समाज सेवी अशोक भटेवरा, समिति के अध्यक्ष बगदीराम पाटीदार, रमेश काग, कमलेश पाटीदार विजय पाटीदार रायपुरिया आदि ग्रामीणों ने पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर विसर्जन कर पुण्य लाभ लिया।
बड़ी संख्या में पहुच रहे है दर्शनार्थ।
आश्रम परिसर में दूर-दूर से श्रद्धालु आ रहे हैं। पार्थिव शिवलिंग बनाने के लिए लोगों में जबरन उत्साह दिख रहा है। श्रद्धालु स परिवार यहां आ रहे हैं, और जमीन पर ही बैठ कर शिवलिंग का निर्माण कर रहे हैं। यहां अपने हाथों से सेकडो लिंग बनाने का संकल्प लिया गया है। पंडित शास्त्री की माने तो वास्तविक संख्या इन से अधिक हो सकती हैं अब तक हजारों पार्थिव शिवलिंग का निर्माण हो चुका है। ग्राम बनी के साथ पेटलावद रायपुरिया बोलासा सारंगी बरबेट बावड़ी जामली करवड बामनिया के साथ-साथ राजगढ़ धार मंदसौर जिले से श्रद्धालु यहां पहुचेंगे। साथ ही इसका लाभ लेते हुए पार्थिव शिवलिंग और फिर उसकी स्थापना विसर्जन हवन ओर आरती लाभ ले रहे हैं।
गौ सेवा का लाभ भी।
हरिहर आश्रम के बगदीराम पाटीदार और हरिओम पाटीदार ने बताया कि सावन में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण होना अपने आप में एक महत्वपूर्ण कार्य है। आचार्य देवेंद्र शास्त्री के संकल्प को पूर्ण करने के लिए यहां हर कोई अध्यात्म के साथ लगा हुआ है। यहां सुंदर प्राकृतिक वातावरण के साथ गौ सेवा का लाभ भी हरिहर आश्रम में मिलता है। मुकेश पाटीदार के अनुसार पम्पावती नदी की पवित्र मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा है।
मन की शांति का अनुभव
ग्राम बरवेट अशोक भटेवरा ने बताया कि आध्यात्मिक रूप से देखा जाए तो उसके बहुत सारे महत्व है। लेकिन सबसे बड़ा महत्त्व मन की शांति का है। जो यहां आने पर अनुभव के रूप में मिलता हैं। इस सुंदर व सुरम्य वातावरण आध्यात्मिकता तथा ईश्वर से जुड़ने का सरल माध्यम यहां देखने को मिलता है ईश्वर से जोड़ते हुए प्राकृतिक वातावरण के साथ अध्यात्म का यहां संगम है।




