थांदला
ग्लोबल वार्मिंग का समाधान बन सकती है मातावन परंपरा’ : एसडीएम भास्कर गाचले,,,चिकलिया में पारंपरिक हलमा के साथ 2 हजार पौधों का रोपण, 190 गांवों तक पहुंचा मातावन अभियान….

थांदला@आयुष पाटीदार
थांदला तहसील के ग्राम चिकलिया में शिवगंगा समग्र ग्राम विकास परिषद द्वारा सावन मातावन के तहत पारंपरिक हलमा एवं मातावन पर्यावरण अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामूहिक हलमा के साथ 2 हजार पौधों का रोपण किया गया और ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

मुख्य अतिथि एसडीएम भास्कर गाचले ने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। ऐसे समय में झाबुआ अंचल की मातावन परंपरा वन संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संतुलन का अनूठा लोक मॉडल है। उन्होंने कहा कि यदि इस परंपरा को व्यापक स्तर पर अपनाया जाए तो यह ग्लोबल वार्मिंग से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.!

शिवगंगा के राजाराम कटारा ने बताया कि जिले के 190 गांवों में मातावन अभियान के माध्यम से अब तक 3 लाख से अधिक पौधों का रोपण एवं संरक्षण तथा 2 लाख से अधिक बीजों का प्रसारण किया जा चुका है। जनसहभागिता के चलते यह अभियान अब ‘एक वन आंदोलन’ का स्वरूप ले चुका है।
कलसिंह भाबोर ने औषधीय पौधों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रत्येक परिवार से पौधे लगाने और बच्चों की तरह उनकी देखभाल करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और हर घर को हरित बनाने का संकल्प लिया। अंत में सभी ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में प्रकाश मखोडिया, रमेश चौहान, प्रकाश बारिया, ग्राम चिकलिया की सरपंच परथा मुणिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।





