थांदला
ग्रामीण प्रतिभाओं को नई ऊँचाइयाँ देता है नवोदय विद्यालय: एसडीएम भास्कर गाचले,,,,स्थापना दिवस समारोह में बोले— शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का होता है विकास….

थांदला@आयुष पाटीदार
जवाहर नवोदय विद्यालय के स्थापना दिवस समारोह का आयोजन बुधवार को उत्साह, गरिमा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भास्कर गाचले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विद्यालय पहुँचने पर प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ ने उनका पुष्पगुच्छ भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित जनों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य ने नवोदय विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचारों, अनुशासन, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय ग्रामीण अंचलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रहा है।
समारोह को संबोधित करते हुए एसडीएम भास्कर गाचले ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र के भावी नेतृत्व को तैयार करने वाली एक सशक्त संस्था है। यहाँ विद्यार्थियों का केवल शैक्षणिक विकास ही नहीं होता, बल्कि उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, नैतिक मूल्य, सांस्कृतिक चेतना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुणों का भी विकास होता है, जो उन्हें जीवन की प्रत्येक चुनौती का सामना करने के योग्य बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि नवोदय विद्यालयों की स्थापना का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को महानगरों और निजी विद्यालयों के समान उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण एवं अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियाँ किसी भी प्रतिभा की प्रगति में बाधा न बनें। नवोदय विद्यालयों से शिक्षा प्राप्त कर देश के अनेक विद्यार्थी प्रशासनिक सेवाओं, चिकित्सा, अभियांत्रिकी, विज्ञान, रक्षा तथा अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
श्री गाचले ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य स्पष्ट रखें, समय का सदुपयोग करें, अनुशासन को जीवन का आधार बनाएं तथा निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आज का समर्पित विद्यार्थी ही कल का सफल नागरिक, संवेदनशील अधिकारी और राष्ट्र का सशक्त निर्माता बनता है।
एसडीएम के प्रेरक एवं ओजस्वी उद्बोधन को विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार ने अत्यंत सराहा। समारोह का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, राष्ट्र के प्रति समर्पण और उत्कृष्ट शिक्षा के संकल्प के साथ हुआ।





