लगातार सामने आ रहे गौकशी के मामलों पर आक्रोश, जिलेभर में हुआ गौरक्षा संकल्प,,,गणेश पंडालों में गूंजा गौरक्षा का संकल्प: बोले- अब केवल प्रशासन के भरोसे नहीं, हिंदू समाज भी करेगा गौमाता की रक्षा…

मेघनगर@मुकेश सोलंकी
थांदला-मेघनगर क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे गौकशी के मामलों को लेकर जिलेभर के गणेश पंडालों में गौरक्षा संकल्प कार्यक्रम आयोजित किए गए। हिंदू जागरण मंच के आह्वान पर श्रद्धालुओं ने गौमाता की पूजा-अर्चना कर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। कई स्थानों पर गणेश आरती के बाद सामूहिक रूप से लोगों ने खड़े होकर गौरक्षा की शपथ ली।हिंदू जागरण मंच के अनुसार सजेली नानिया साथ, तलाई, बांडीसेरा, ग्वालडूंगरी, बालाखोरी, जामनिया, मियाटी तथा हाल ही में रूपगढ़ में सामने आए गौकशी के मामलों से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। इसी के चलते थांदला, मेघनगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के 200 से अधिक सार्वजनिक गणेश पंडालों में गौरक्षा संकल्प लिया गया। फुलेडी गांव में तेजाजी महाराज की कथा-नाट्य प्रस्तुति के दौरान भी ग्रामीणों ने गौमाता की पूजा कर गौरक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रमों में वक्ताओं ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक हैं तथा उनकी रक्षा हिंदू समाज का दायित्व है।
थांदला नगर, गोपालपुरा, हत्यादेली, अगराल, खच्चरटोडी, सजेली, झायड़ा, मदरानी, मालटोडी, फुलेडी, मालजीसाथ, कल्याणपुरा, रायपुरिया, खवासा, भीमकुंड, तलाई, झोसली, खजुरी, सागवा, बामनिया, काकापाड़ा, करवड़, पाटाल, देदला, मालखड़वी ,शिवगढ़, धनपुरा, अमलवानी सहित मेघनगर क्षेत्र के अनेक गांवों में यह कार्यक्रम आयोजित हुए।
हिंदू जागरण मंच के जिला सह संयोजक राजेश पणदा ने कहा कि क्षेत्र में बार-बार गौकशी की घटनाएं सामने आने के बावजूद लोगों को अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों का खुलासा स्थानीय लोगों और गौभक्तों की सक्रियता से हुआ, लेकिन कठोर कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों में कानून का भय कम होता दिखाई देता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की । उन्होंने कहा कि यदि पूर्व की घटनाओं में प्रभावी कार्रवाई होती तो क्षेत्र में दोबारा ऐसे मामले सामने नहीं आते। मंच ने घोषणा की कि आने वाले समय में गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाकर गौरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। गौरक्षा संकल्प कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, युवाओं और मातृशक्ति की भागीदारी रही। कई स्थानों पर गौमाता की आरती, पुष्प अर्पण और सामूहिक संकल्प के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुए।




