रायपुरिया में गूंजा ‘वंदे मातरम’: 150वें वर्ष पर सरस्वती शिशु मंदिर में हुआ ऐतिहासिक सामूहिक गायन…

रायपुरिया@राजेश राठौड़
सरस्वती शिशु मंदिर, रायपुरिया (जिला झाबुआ) के प्रांगण में शुक्रवार, 25 सितंबर को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशाल सामूहिक ‘वंदे मातरम’ गान का भव्य आयोजन किया गया। विद्या भारती के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देशभर में राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति अगाध श्रद्धा का संदेश देना था। इस ऐतिहासिक आयोजन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने का भी विशेष प्रयास किया गया है, जिसमें देशभर के लाखों लोगों ने सहभागिता की।
गरिमामयी उपस्थिति और वक्ता के विचार
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:00 बजे एक स्वर और एक लय में हुए सामूहिक गायन के साथ हुई। इस आयोजन में सामाजिक कार्यकर्ता नंदकिशोर मक्ष्या ने अध्यक्षता की। कार्यक्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुरिया की प्राचार्य कल्पना वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि रायपुरिया की टी.आई. गीता जाटव ने विशेष अतिथि की भूमिका निभाई। इसके अलावा कार्यक्रम में सचिव तोलसिंग निनामा और कार्यक्रम संयोजक सुभद्रा बाई पाटीदार भी मौजूद रहे। मुख्य वक्ता के रूप में ग्राम भारती शिक्षा समिति जिला झाबुआ के कोषाध्यक्ष एवं अध्यापक रामचंद्र पाटीदार ने अपने संबोधन में ‘वंदे मातरम’ के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
सफल आयोजन और आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के आचार्य परिवार एवं संयोजक मंडल द्वारा किया गया। निवेदक के रूप में सरस्वती शिशु मंदिर रायपुरिया के आचार्य परिवार ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान में सहयोग देने के लिए सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और नगरवासियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।




