बाबा देव मित्र मंडल ने निकाली कावड़ यात्रा…..

सारंगी@संजय उपाध्याय
लाडकी नदी से बाछिखेडा फंटा तक समरसता कावड़ यात्रा को आयोजन किया गया कावड़ यात्रा लाड़की नदी से जल भरकर कतिजापाड़ा, पत्थरपाड़ा में पहुंची ग्रामीण द्वारा स्वागत व फलाहार देकर सम्मानित किया गांव के मुख्य मार्ग से प्रवेश करते हुए बाबा देव पहुंची जहां पर मुख्य अतिथि के रूप में रामकिशन जी गुर्जर बाछिखेड़ा,मुख्य वक्ता के रूप में सेवा भारती विभाग योजना प्रमुख अमृत लाल जी भाभर उपस्थित रहे गांव के वरिष्ठ तडवी अंबाराम कतिजा मंच पर उपस्थित रहे मुख्य वक्ता भाभर के द्वारा बताया गया कि जहां पर हम जलाअभिषेक करने आए हैं यहां कोई साधारण देवस्थान नहीं है यहां पर पहले से ही बाबा देव को पुर्वजों द्वारा स्थापित किया गया था परंतु आज से 10 वर्ष पूर्व भोलेनाथ के वाहान नन्दी महाराज का इसी रोड पर एक्सीडेंट होने से शहीद हो गए थे जिसे ग्रामीणों द्वारा बड़ा संघर्ष का सामना करना पड़ा था फिर सम्मान से समाधि दी गई थी इस समाधि स्थल पर इस वर्ष भोलेनाथ जी को स्थापित किया गया भाभर जी के द्वारा विषपान की कथा: समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया था। उस विष की उष्णता (गर्मी) को शांत करने के लिए देवी-देवताओं ने उनका गंगाजल से जलाभिषेक किया था। भाभर जी के द्वारा आगे कहा गया संसार में पहली कावड़ यात्रा पौराणिक कथाओं के अनुसार, सबसे पहले श्रवण कुमार ने अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर तीर्थ यात्रा कराई थी। इसे पितृ-भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता और त्रेतायुग में भगवान परशुराम द्वारा गढ़मुक्तेश्वर से गंगाजल लाकर शिवजी का जलाभिषेक करने को भी इस यात्रा की शुरुआत माना जाता है। उसके बाद उन्होंने कहा हमें कावड़ यात्रा में आने से हमारे घर परिवार खेत खलिहान में समृद्धि आती है मुझे इस कावड़ यात्रा में सर्व समाज ने मिलकर यात्रा का लाभ लिया इस अवसर पर गांव के समाजसेवी घुमक्कड़ जनजाति के प्रमुख कल्याण सिंह जी सिगाड़(चामठा),समाजसेवी दिनेश जी कतिजा,भेरुलाल जी गुर्जर,दिनेश जी खड़िया,जितेन्द्र जी चौधरी,महेश जी भाभर,दिपक जी मालवीय,पप्पू जी मैडा,मुन्ना जी मेड़ा,कानजी जी देवदा,ईश्वर जी कतिजा,वरसिह जी, करणसिंह जी,राकेश जी,समरत जी,मंच का संचालन गुलाब सिंह जी गरवाल के द्वारा किया गया,आभार जगदीश जी भूरिया द्वारा किया गया इस कार्यक्रम में समस्त माता बहने और कार्यकर्ता बंधु उपस्थित रहे।




